किसान भाईयों व बहनो नमस्कार, रिलायंस फाउंडेशन और ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केन्द्र-संचालनायल कृषि एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से आपको सलाह है कि, धान में पेनिकल माईट का प्रकोप होने पर इसकी पहचान पोंचे व बदरंग दाने व तने पर भूरापन देखकर किया जा सकता हैं। पेनिकल माइट सूक्ष्म मकड़ी है, जिसे नग्न आंखों से देखा नहीं जा सकता है। यह धान फसल में गभोट के समय ही बालियों से रस चूस लेती है, जिससे बाली निकलने पर धानों में दूध भराव नहीं हो पाता तथा वे लाल/कत्थई रंग के हो जाते हैं व दानों में बदरा के रुप में विकसित होते हैं। इसके निदान हेतु प्रोपिकोनाजोल 2 मि.ली.+ प्रोफेनोफास 2 मि.ली.प्रति लीटर पानी में घोलकर 500 लीटर घोल प्रति हेक्टेयर की दर से छिडकाव करना चाहिएं।, धन्यवाद|
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