नमस्कार किसान भाईयों व बहनों, रिलायंस फाउंडेशन और कृषि विज्ञान केंद्र, उदयपुर के सहयोग से किसानों को सलाह है कि सोयाबीन में कॉलर रोट रोग पौधों का निचला हिस्सा जो जमीन से लगा होता है। वह फंफूद के सफेद कवक जाल से ढक जाता है। इस पर लाल भूरे रंग के सरसों के समान गोल सकेलेरोशिया बनते है, जो कि इस रोग का प्रमुख लक्षण है बाद में तने का यह हिस्सा सड़ जाता है, जिससे पौधा मुरझा कर गिर जाता है एवं सूख कर मर जाता है । अतः इस रोग के प्रभावी नियंत्रण के लिये टेबुकोंनाज़ोल 25 ई.सी. दवा की 1.5 लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से छिडकाव करें। धन्यवाद।
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