नमस्कार, किसान भाईयों व बहनो, रिलायंस फाउंडेशन और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कांके, रांची, झारखंड के सहयोग से किसानों को सलाह, मकई में तना छेदक कीट का शिशु (पिल्लू ) तना में छेद करके उसके आन्तरिक भाग को खा जाता है। फलतः तना का अग्र भाग मुरझाकर सुख जाता है जिसको डेड हाट कहते है। अतः बचाव हेतु फिप्रोनिल 0.3 जी या कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड 4 जी का व्यवहार 12-15 दाना फसल अंकुरण के दो सप्ताह बाद ऊपरी चक्र में करना चाहिए।
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