नमस्कार, किसान भाईयों व बहनों, रिलायंस फाउंडेशन और कृषि विभाग, मध्य प्रदेश, भोपाल के सहयोग से आपको सलाह है की गेहूं की फसल में यूरिया की जगह एक बोतल नैनो यूरिया तरल के उपयोग से पत्तियों के माध्यम से नत्रजन पौधे को सीधे मिल जाती हे और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है। इसके रासायनिक दुस्प्रभाव नहीं होने से जमीन को ऊसर या बंजर होने से बचाता है। नैनो यूरिया तरल की 400 मिली मात्रा प्रति एकड़ की दर से 150 लिटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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