नमस्कार, भाइयो व बहनो, रिलायंस फाउंडेशन और पशुपालन विभाग, राजस्थान के सहयोग से आपको सलाह है कि, लम्पी त्वचा रोग के वायरस का मुख्य रूप से संक्रमण बाह्य परजीवीर्या (किलनी, मच्छरों और मक्खियों) के काटने से होता है। संक्रमण के बाद वायरस 1 से 2 सप्ताह तक रक्त में रहता है। इसके बाद शरीर के अन्य हिस्सों में संक्रमण हो जाता है। गर्भवती पशुओं में संक्रमण से गर्भपात या रोगग्रस्त बछड़ों का जन्म होता है। गाय से दूध पिने वाले बछड़ों में दूध के माध्यम से और थन के जख्म से यह बीमारी फैल सकती है।
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