नमस्कार, किसान बहनो व भाइयों, रिलायंस फाउंडेशन और कृषि विज्ञान केंद्र, उदयपुर से आपको सलाह है कि मुर्गी को फर्श बिछाली पद्धति में रखने से पूर्व मुर्गी घर की चूने से पुताई करनी चाहिए। चूजों के आने पर 8 प्रतिशत गुड़ या शक्कर का घोल देना चाहिए, ताकि तुरंत ऊर्जा की पूर्ति हो सके। सान्द्र आहार में मुख्य रूप ऊर्जा स्त्रोत के रूप में मकई, चॉवल, कनकी, गेहूं, ज्वार, बाजरा तथा प्रोटीन स्त्रोत के रूप में सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला खली, दाल चुन्नी एवं मछली के चूरा का उपयोग किया जाता है। चूजों को बाहरी गर्मी की आवश्यकता होती है इसे बू्रडिंग कहते हैं। चूजों को शुरू के छ: हफ्तों में 23 घण्टे प्रकाश एवं 1 घण्टे का अंधेरा होना चाहिए।
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