मवेशियों में बाह्य परजीवी का प्रबंधन

किसान भाईयों व बहनो नमस्कार, रिलायंस फाउंडेशन और ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केन्द्र -संचालनायल कृषि एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से आपको सलाह है कि, पशुओं में मुख्यतया किलनियों, जूं, मक्खियों व माइट जैसे बाह्‌य परजीवियों के द्वारा भी कई प्रकार के रोग होते हैं। ये पशु का खून चूसते हैं जिससे खून की कमी व अन्य रोगों के हो जाने के कारण पशु उत्पादकता पर कुप्रभाव पड़ता है। कभी-कभी पशु के शरीर में घाव भी हो जाते हैं, जिनमें मक्खियां अंडे दे देती हैं और कीड़े पड़ जाते हैं। इन परजीवियों से बचाव के लिए परजीवीनाशक दवाओं जैसे-साइपरमैथ्रिन, डेल्टामैथ्रिन आदि से पशुओं को नहलाना चाहिए। पशुशाला की प्रत्येक दिन साफ-सफाई करें और उसकी सतह पर चूने का छिड़काव करें। पुरानी बिछावन यदि हो तो उसे बदलते रहें, धन्यवाद।

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