नमस्कार, किसान भाईयों व बहनो, रिलायंस फाउंडेशन और कृषि विभाग सिद्धार्थनगर के सहयोग से आपको सलाह है कि लाही की फसल में माहू को चेपा कीट के नाम से भी जाना जाता है इस रोग के कीट बहुत छोटे होते हैं जो की हरा और पीला रंग का होता है यह कीट पौधे पर समूह में दिखाई देते हैं जो पौधे का रस चूस कर पौधे के विकास को रोक देते हैं। इस कीट की रोकथाम के लिए पौधों पर एजार्डिरेक्टिन (नीम आयल) 0.15 प्रतिशत ई.सी. 2.5 ली० प्रति हेक्टेयर की दर छिड़काव करना चाहिए, धन्यवाद|
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