नमस्कार, बहनो व भाईयों, रिलायंस फाउंडेशन और ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कांके, रांची के सहयोग से आपको सलाह है की, घर के पिछवाड़े बकरी पालन सीमांत एवं भूमिहीन किसानो की आय का प्रमुख स्रोत रहा है। वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन जिसमे उपयुक्त चारा प्रबंधन, उपयुक्त आवास, उचित समय पर परजीवी एवं कृमिनाशक दवाओं का उपयोग, समय पर टीकाकरण तथा उचित देखभाल से लाभ प्राप्त कर सकते है। बकरी पालन हेतु पशु आवास कम लागत सामाग्री मे बनाना, हारा चारा, भूसा एवं दाना का उचित मात्रा मे देना चाहिए। हारा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होने पर 150 से 350 ग्राम दाना प्रति बकरी प्रति दिन देना चाहिए।
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