नमस्कार, किसान भाईयों व बहनो, रिलायंस फाउंडेशन और ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविध्यालय, पुसा समस्तीपुर, बिहार के सहयोग से आपको सलाह है की, गर्म लहर से बचाने के लिए पशुओं के रहने के स्थान को शेड नेट से ढंकेंl पशुओं के शारीक तापमान और पशुओं के रहने के स्थान को ठंडा रखने के लिए पंखा, स्प्रिंकलर, फोग्गर आदि का प्रयोग करेंl पशुओ में गर्मी से सम्म्बधित रोग, बुखार होने पर दूध उत्पादन में कमी हो जाती है इसलिए पशुओ को गर्म हवा से बचाएं तथा उनके पीने के लिए साफ एवं वं ताज़ा पानी की व्यवस्था करेंl पशुशाला को हवादार बनाएं तथा जूट के बोरे से खिड़की दरवाजों को ढंकें तथा उसे पानी छिड़कर ठंडा रखें l पशुओं को खुले धुप में चरने के लिए ना छोड़ेंl
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